Friday 9 February 2007

गर्मा-गरम शेरो-ओ-शायरी

ये भी किसी ई-मेल द्वारा अग्रेषित चिठ्ठी का उत्पाद है:

कर दिया इज़हारे-इश्क हमने मोबाईल पर,
लाख रूपये की बात थी, दो रूपये में हो गई
*****
और भी चीज़ें बहुत सी लुट चुकीं हैं दिल के साथ,
ये बताया दोस्तों ने इश्क फ़रमाने के बाद,
इसलिये कमरे की एक-एक चीज़ 'चैक' करता हूँ,
एक तेरे आने से पहले एक तेरे आने के बाद
*****
खिड़की खुली जुल्फ़ें बिखरी, दिल ने कहा दिलदार निकला,
पर हाय रे मेरी फूटी किस्मत, नहाया हुआ सरदार निकला
*****
कहते हैं कि इश्क में नींद उड़ जाती है,
कोई हमसे भी इश्क करे,
कमबख्त नींद बहुत आती है
*****
प्यार के ज़ाम को ऐसे ना पियो कि,
आधा पिया और आधा छोड़ दिया,
यारों ये प्यार है प्यार, नही कोई विम बार,
जो थोड़ा सा लगाया और बस हो गया
*****
इधर खुदा है, उधर खुदा है,
जिधर देखो उधर खुदा है,
इधर-उधर बस खुदा ही खुदा है,
जिधर नही खुदा है, उधर कल खुदेगा
*****
तुमसा कोई दूसरा ज़मीं पर हुआ,
तो रब से शिकायत होगी,
एक तो झेला नही जाता,
दूसरा आ गया तो क्या हालत होगी
*****
दुरख्त के पैमानें पर चिल्मन-ए-हुस्न का फ़ुरकत से शरमाना,
दुरख्त के पैमानें पर चिल्मन-ए-हुस्न का फ़ुरकत से शरमाना,
ये 'लाईन' समझ में आये तो मुझे ज़रूर बताना
*****
तेरे घर पे सनम हज़ार बार आयेंगे,
तेरे घर पे सनम हज़ार बार आयेंगे,
घंटी बजायेंगे और भाग जायेंगे,
*****
क्यों अपनी कब्र खुद ही खोद रहा है ग़ालिब,
क्यों अपनी कब्र खुद ही खोद रहा है ग़ालिब,
ला, फवड़ा मुझे दे

6 प्रतिक्रिया(ऐं):

Neeraj Rohilla said...

मिली शोहरत तो आंखे नम हो गयीं,
गालिब रूमाल है क्या?

अच्छी क्षणिकायें हैं, पढकर मन हल्का हो गया,

Udan Tashtari said...

इधर खुदा है, उधर खुदा है,
जिधर देखो उधर खुदा है,
इधर-उधर बस खुदा ही खुदा है,
जिधर नही खुदा है, उधर कल खुदेगा


---सही हो, लगे रहो गुरु!!!! और नीरज को जल्दी रुमाल पहूँचाओ!! बेचारा.

Raviratlami said...

ये कतरन तो विशेष रूप से पंसद आई.

आग्रह है कि ऐसी कतरनें रोज प्रस्तुत करें.

Reetesh Gupta said...

बढ़िया है भाई ...लगे रहो ..बधाई !!

रीतेश गुप्ता

Jitendra Chaudhary said...

भई वाह!
मजा आ गया।
ये तो रोजाना(Daily Doze) होना चाहिए|

लगे रहो मियां।

miredmirage said...

बहुत मजेदार हैं । विशेषकरः
इधर खुदा है, उधर खुदा है,
जिधर देखो उधर खुदा है,
इधर-उधर बस खुदा ही खुदा है,
जिधर नही खुदा है, उधर कल खुदेगा
लिखते रहिए ।
घुघूती बासूती
ghughutibasuti.blogspot.com