Sunday 11 February 2007

कुछ सवाल बिना जवाब

माने कि आप एक डॉक्टर हैं जो किसी गाँव में जानलेवा बीमारी से लड़ रहें हैं। कुल तीनसौ लोगो को ये बीमारी है और आपके पास उपचार के दो रास्ते हैं। अगर रास्ता 'अ' चुनते हैं तो कुल सौ लोगों की जान बचा सकेगें और रास्ता 'ब' चुनते हैं तो एक-तिहाई संभावना है कि सारे लोग बच जाऐं और दो-तिहाई संभावना है कि एक भी नही बचेगा। आपके पास और कोई रास्ता नही है। 'अ' और 'ब' में से कौनसा उपचार चुनेंगें आप? अपना जवाब ध्यान में रखें।

माना कि आप एक सिनेमा देखने जा रहें है सिनेमाघर में जहाँ टिकट की दर सौ रूपये है। जैसे ही आप सिनेमा परिसर में घुसते हैं आप पाते हैं कि आपके सौ रूपये गुम हो गये जेब से। क्या आप फिर भी सिनेमा का टिकट खरीदेंगें? यह मानिये कि आपकी जेब में दौसौ से ज्यादा रूपये थे। सौ की राशि को अपनी आय के अनुसार घटा-बढ़ा लें इस तरह से कि उस राशि के खोने का आपको थोड़ा दुःख होवे। अपना जवाब ध्यान में रखें।

माने कि आप एक डॉक्टर हैं जो किसी गाँव में जानलेवा बीमारी से लड़ रहें हैं। कुल तीनसौ लोगो को ये बीमारी है और आपके पास उपचार के दो रास्ते हैं। अगर रास्ता 'अ' चुनते हैं तो कुल दौसौ लोगों की मौत होगी और रास्ता 'ब' चुनते हैं तो एक-तिहाई संभावना है कि किसी की मौत नही होगी और दो-तिहाई संभावना है कि सारे लोग मर जाऐं। आपके पास और कोई रास्ता नही है। 'अ' और 'ब' में से कौनसा उपचार चुनेंगें आप? अपना जवाब ध्यान में रखें।

माना कि आप एक सिनेमा देखने जा रहें है सिनेमाघर में जहाँ टिकट की दर सौ रूपये है। आप टिकट खरीदकर जैसे ही अंदर घुसे पता चला टिकट हाथ से गुम हो गया। टिकट दुबारा लेने या पैसे वापस लेने की कोई व्यवस्था नही है। क्या आप फिर भी दूसरा टिकट खरीदेंगें? अपना जवाब ध्यान में रखें।

क्या आपके पहले और तीसरे सवालों के जवाब अलग-अलग हैं? क्या आपके दूसरे और चौथे सवालों के जवाब अलग-अलग हैं? अगर हाँ तो क्यों? अगर नही तो क्यों नहीं? थोड़ा मनन कीजीये या फिर विश्लेषण के लिये Barry Schwartz की पुस्तक The Paradox of Choice: Why More Is Less देखिये। समय मिला तो मैं भी पुस्तक समीक्षा के रूप में कुछ लिखूँगा।

2 प्रतिक्रिया(ऐं):

Divine India said...

जबाव बाद में अभी सोंच रहा हूँ…???????????………

Udan Tashtari said...

इससे सरल तो वो लाल पुछ्छकड़ वाला नक्शा था, वो भी नहीं बन पाया था ;(