Saturday 10 February 2007

एक रासायनिक विश्लेषण (हास्य)

अगर इस चिठ्‍ठे को थोड़ी देर निर्लज्जता की इज़ाजत हो तो ये चुटकुला प्रस्तुत करता हूँ। नाराज़ मत होईयेगा।

औरत

तत्व: औरत
खोजकर्ता: एडम
अणुभार: ४० से २०० किलो तक, औसतन ५३.६ किलोग्राम
उपलब्धि: सभी मानवीय आवासों में बहुतायत से उपलब्ध

भौतिक लक्षण:
सतह अधिकतर पतली रंगीन झिल्ली से ढकी
बिना कारण उबाल और जमाव
विशेष व्यवहार करने पर पिघलन
गलत उपयोग पर कड़वी

रासायनिक लक्षण:
सोना, चाँदी और अन्य मूल्यवान धातुओं से अति आकर्षण
भारी मात्रा में मँहगे सामान की खपत
बिना पूर्व कारण और चेतावनी के विस्फोटक
सबसे शक्तिशाली पैसा-कम करने का तत्व आदमी के लिये

सामान्य उपयोग:
बहुत सुंदर और दिखावटी, विशेषकर स्पोर्ट्स कारों में
आराम में सहायक
बहुत उपयोगी सफाईकारी तत्व

जाँच:
शुद्ध तत्व अपनी प्राकृतिक अवस्था में पाये जाने पर गुलाबी हो जाता है
अपने से बेहतर नमूने के पास रखा जाने पर हरा हो जाता है।

चेतावनी:
इस तत्व के कई नमूने एक साथ अलग-अलग जगह पर रखे जा सकते हैं जहाँ तक की वे एक-दूसरे के सीधे संपर्क में ना आयें। इस तत्व से लंबे समय तक संपर्क तीव्र मानसिक, आर्थिक और शारीरिक तनाव का कारण बन सकता है।

आदमी

और भाई लोगों आप हँसना शुरू करें उससे पहले अपने गिरहेबान में भी देख लें! चित्र थोड़ा जटिल है इसलिये हिन्दी में नही अनुवादित किया।

3 प्रतिक्रिया(ऐं):

संजय बेंगाणी said...

अन्य साथीगण नाराज़ मत होईयेगा थोड़ा खुरापाती टाइप लेख है, पर मजेदार था इसलिए टिप्पणी की है.

Shrish said...

वाह मजेदार विश्लेषण है। लगता है बहुत प्रयोगों के बाद लिखा गया है।

miredmirage said...

बहुत अच्छे ! किन्तु "उपलब्धि: सभी मानवीय आवासों में बहुतायत से उपलब्ध" थोड़ा गलत है । अब भारत में इनकी संख्या में भारी कमी आई है , जिससे कुँवारे और उनके माता पिता बहुत परेशान हैं ,हो सकता है लेखक प्रसन्न हो ।
घुघूती बासूती
ghughutibasuti.blogspot.com