Thursday 22 February 2007

कोई आपको लूटे तो...

अगर कोई आप से किसी सामाग्री की अधिकतम खुदरा मूल्य से ज्यादा कीमत माँगे तो आपके पास एक साधन है: भारत सरकार का नाप-तौल विभाग। कथित रूप से बिना रसीद की जरूरत के की हुई शिकायत, जिसमें आपकी पहचान को गुप्त रखा जाएगा, को दस दिन के अंदर हल किया जाने का प्रावधान है। दूरभाष क्रमांक, ई-मेल पते व अधिक जानकारी के लिये "द हिन्दु" का ये समाचार देखें। लगता है कि संपर्क सूत्र कर्नाटक के लिये ही दिये गये हैं पर ऐसा विभाग हर राज्य में होना चाहिये। ये भी पता नही की प्रावधानों के बावजूद कुछ होता है भी या नही। किसी का अनुभव हो तो जरूर बाँटियेगा। मैने एक बार तो दिल्ली हवाईअड्डे के अंदर पानी बोतल के ५० रूपये दिये थे पर उस समय ये पता नही था। अब देखता हूँ किसी से पंगा लेने का मूड बनता है तो।

और हाँ एक बंगलोर निवासी स्थानीय डेयरी के कर्मचारी द्वारा एम.आर.पी. से ज्यादा माँगने के विरोध में मामला पुलिस व उपभोक्ता मंडल तक खींच चुके हैं। इस तरह के मामले में क्या होता है और क्यों हमे 'चलता' है से हटकर कुछ करने का प्रयास करना चाहिये यदि ये जानने के इच्छुक हों तो उनका ये चिठ्ठा देख सकते हैं। इस तरह की तंत्र से लड़ने की इच्छा व धैर्य विरल ही होता है तो किसी का पढ़कर थोड़ी हिम्मत भी बढ़ती है।

1 प्रतिक्रिया(ऐं):

संजय बेंगाणी said...

दो चार रुपैयों के लिए कौन समय बरबाद करे यही भाव इस प्रकार की लुट का कारण है.